वाराणसी दर्शन (यात्रा वृतांत)

मानक

वाराणसी दर्शन (यात्रा वृतांत)
बीते दिनों बनारस जिसे वाराणसी या शिवपुरी काशी कहा जाता है मुझे अपने परिजनों के साथ जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ | बाबा भोले नाथ की कृपा हुई माँ गंगा स्नान दर्शन और द्वादश ज्योतिर्मय काशी विश्वनाथ शिव लिंग पूजन कर पाया | काशी जाना यूँ तो पहली बार नही हुआ परन्तु 25 बरसों बाद ही काशी पुरी गया था | वहां मेरी ममेरी बहन को मेरे आगमन की सूचना थी साथ बहन के ससुराल पहली बार जाना भी नसीब हो रहा था अनुमान तो लग हीं सकता है बहन ने कितनी खातिरदारी की होगी और मुख्य स्थलों तक वह स्वयं भी घूमी ! वाराणसी के बारे में बरसों पहले सुना रांड सांड सीढ़ी सन्यासी इनसे बचे तो बसे काशी ! पुरानी बातें हैं आप अच्छे तो देश अच्छा आप बुरे तो देश बुरा बनारस जाएँ या कहीं और मंशा अपनी जांचे परखे |
बनारस आगमन के साथ हीं चार पहिया वाहन तैयार खड़ा था ट्रेन से उतरते हीं बहन के घर ले उड़ा | वहां सुंदर एक भांजी भी दिखी जो नवागन्तुक मामा मामी नानी से मिलकर बेहद खुश थी और उसने वनारस घुमने की बात पूछी कहाँ कहाँ जाना है ,मैंने तीन स्थान बताए पहला मोदी घाट जिसे भले हीं सारा जगत अस्सी घाट के नाम से जानता हो पर इसकी पहचान अब मोदी घाट के रूप में हुई ऐसा मैं मानता हूँ | अस्सी घाट तो तीन बार 25/30 बरस पूर्व में भी गया हूँ तब और अब आसमान धरती का अंतर है | अस्सी घाट वास्तव में अब सबसे सुंदर और अलबेला घाट है मुझे अस्सी घाट जाकर बेहद अच्छा लगा ! दुसरा गंगा स्नान द्शास्व्मेघ घाट मुख्य घाट और तीसरा काशी विश्वनाथ के दर्शन पूजन अन्य जो उपयुक्त हो सरल हो | बातों हीं बातों में वाराणसी की नामी चाट का जिक्र भी आया हमलोग जल्द ही स्नान कर तैयार हुए फिर हमारी सवारी ने अस्सी घाट के लिए उडान भरी ! गंगा का अद्भुत नजारा और घाट की सम्पूर्ण सफाई तथा प्रबंध देखकर मन फुला नही समा रहा था जैसे भगवान श्री राम का यहाँ आगमन हुआ हो ! दो दो सेल्फी जो मोदी सरकार की हीं देन है यादों में बसे अस्सी इसलिए फोटो सूट हुआ | फिर न्यू काशी विश्वनाथ काशी हिन्दू विश्व विधालय परिसर में दर्शनार्थ हम सब निकले |
बेहद आकर्षक दर्शन और खूबसूरती से मन्दिर परिसर का निर्माण हुआ यहाँ दर्शन यथा साध्य पूजा की फिर परिसर के चक्कर मार अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाओ के दर्शन किये ! अब संकटमोचं हनुमान मन्दिर की बारी थी चार सो साल इस पुराने मन्दिर के बारे में चर्चा है बाबा तुलसी ने मन्दिर विग्रह की स्थापना की और यहाँ बंदरो का झुण्ड विराजमान होता | आरती का वक्त था हम सब शरीक हुए पूर्व में भी मैं यहाँ आया था फिर त्रिदेव मन्दिर देखा जो अग्र समाज द्वारा स्थापित है सुंदर साज सज्जा नक्काशी मन की प्रसन्नता तो ईश्वर के प्रबंध से खुश थी फिर दुसरे दिन माँ गंगा दर्शन स्नान पूजन बाबा विश्वनाथ की गली से मन्दिर में दर्शन आधे घंटे में ही हुए दोपहर में दुर्गा मन्दिर भी गया सायं काल मुगल सराय तक गाड़ी छोड़ने हमें आई !
बना रस जैसे मन का उद्बोधन हो बनारस मैं आ गया भोले नाथ आपने बुलाया तब की काशी अब की काशी शहरीकरण की और दौडती हमारी काशी ,कभी तीन सो साठ घाट गंगा किनारे होने की चर्चा थी सारे घाट मैंने तो चलकर पूर्व में दर्शन किये थे एक हनुमान घाट जाने की मंशा था वह भी पुरी हुई दक्षिण मुखी हनुमान जी का बड़ा सा विग्रह बेहद आकर्षक और पूजनीय रहा !
वाराणसी संसदीय क्षेत्र अब तो देश के प्रधानमन्त्री जी का संसदीय क्षेत्र है देश के विकास का पैमाना बनारस देखकर तय किया जा सकता है लाख चाहने पर भी भ्रष्टाचार रूपी जड़ का समूल नाश करने में आज भी देश असमर्थ है ! प्रधानमन्त्री जी का मिनी कार्यालय भी दिखा पर कोई चहल कदमी नही दिखी मुझे लगा यहाँ भी समर्पण की कमी है शायद नव निर्माण में शिकायतें मिली सड़क जाम आदि की भी शिकायते हैं ! डिवाइडर की चौड़ाई खाह मखाह सड़को को संकरी करती हैं इसे कम चोडा रखा जाना चाहिए !अवाम की आस्था कभी कम ना होगी इसी आशा के साथ घूम आया रमेश यायावर बनारस !
रमेश अग्रवाल !

Advertisements

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s