इंटर परीक्षा (कविता)

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     इंटर परीक्षा (कविता)

बिहार में सरकार की परीक्षा के साथ साथ

बच्चो की भी इंटर की परीक्षा चल रही है

और सरकार की तरह बच्चे भी निर्भय होकर

दुकानों पर गैसपेपर रीड एंड पास तलाश करते |

कोई तो मिले कहीं तो मिले खुलेआम छुट

यही तो परीक्षा का अकेला अनोखा सच

नैतिक पतन जब उपर से ही हुआ तो

परीक्षा भी बन गई जुआ, जहाँ रुपया से-

बनता है सारा खेल ,कोई ना रेलम पेल |

सरकार का सच तो आज आएगा

माझी सरकार की कुर्सी तो जाएगी

नई सरकार नीतीश सरकार बन जायेगी

बिहार के मथ्थे लगा ,जो भी कलंक

अब तो ,आगे फुंकेगा चुनावी शंख |

बिहार के इतिहास में जो भी कुछ चल रहा

खून पसीना बन कर हीं आजकल गल रहा

एक बार फिर बिहार मंजील की तलाश में

पावन कर्म क्यों हैं आजकल अवकाश में ?

क्या कोई नही, कहीं नही इसे सुधारनेवाला

जनता का मत वाला ,जनतंत्र को जिसने पाला ||

रमेश यायावर 20-02-2015

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